धड़कन में नाम तेरा

मैं तो अब धड़कन में अपनी, नाम तेरा ही पाता हूँ
कोमल-2 आँखों में अब, डूबकी रोज़ लगाता हूँ
तू काली आँखों वाली है, तेरे नयना है तीखे-2
तू बात मधुर जब करती है, पर बोल लगे फीके-2
तेरी हर हरकत को मैं, भूल नहीं अब पाता हूँ
मैं तो अब धड़कन में अपनी, नाम तेरा ही पाता हूँ

हडकंप रोज़ मचाने वाला, अब तो चुपचुप रहता है
बातों में उलझाने वाला, खोया-खोया रहता है
ये प्यार ऐसा होता होगा, न जाना न सोचा था
मस्ती करते रहते जी भर, ऐसा हमपर मौका था
बाकी सारे खेल मैं भूला, प्रेम-क्रीड़ा पे नयन टिकाता हूँ
मैं तो अब धड़कन में अपनी, नाम तेरा ही पाता हूँ

काव्य मेरे अब तुझ तक सीमित, सीमित हुई निज सोच मेरी
खाली- खाली दिल की बगिया, फूलों से क्यूँ न अभी भरी
तू बीज़ प्यार के बो बैठी, पर उन्हें पानी देना भूल गई
लता सभी से प्यार तू करना, वो वरना समझो झूल गई
तेरी स्नेह की छाया में मैं तो, निज़-निद्रा की सेज लगाता हूँ
मैं तो अब धड़कन में अपनी, नाम तेरा ही पाता हूँ

रोम-रोम में रूप बसा है, रोम-रोम में नाम तेरा
रोम-रोम मेरा पुलकित-2, रोम-रोम को काम तेरा
रोम मेरा रम जाए तुझ में, रोम-रोम धरे ध्यान तेरा
रोम-रोम रमणीक तेरा है, तेरा रोम-रोम भगवान मेरा
रोम तेरे से मेरा रोम है, मैं तेरे रोम को राम बताता हूँ
मैं तो अब धड़कन में अपनी, नाम तेरा ही पाता हूँ