मैं लाया आँसू अँखियन में

मैं लाया आँसू अँखियन में

देख रहा था तेरी सूरत
तेरी मूरत, अपने मन में
भूल गया मैं पीड़ा सारी
डूब गया तेरे चिंतन में
मुग्ध हुआ तेरे दरशन में
भर लाया आँसू अँखियन में
मैं लाया आँसू अँखियन में ।

तेरी वीणा के तारों पे
तेरे गीतों के गुंजन में
भुल गया मैं अपने सुर को
अपनी आँखों के कंपन में
मुग्ध हुआ तेरे गीतों में
भर लाया आँसू अँखियन में
मैं लाया आँसू अँखियन में ।

बंधा हुआ हूँ मुक्त रूप में
तेरे पथ के कंकड़ में
पाता हूँ अपना पथ भी मैं
तेरे पथ के ही पूजन में
मुग्ध हुआ जब मैं पूजन में
भर लाया आँसू अँखियन में
मैं लाया आँसू अँखियन में ।
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