हरिगीतिका छंद -श्री कृष्ण स्तुति

है आज भादौ अष्टमी श्री कृष्ण का अवतार हो |
मिट जांय सारे कंश अब सुखमय सुखी संसार हो ||
पूजित सदा वन्दित सदा श्री कृष्ण जन रंजन प्रभो |
शिव आपका है दास प्रभु करिए कृपा अब हे विभो ||

गोपाल गिरिधर श्याम मोहन कृष्ण केशव जन्म लो |
बदली हुई है गोपियाँ सब छोड़कर इन से मिलो ||
लट मोड़ना पट ओढना झट दौड़ना इनका करम |
दिल तोड़ना फिर छोड़ना घट फोड़ना इनका धरम ||

Leave a Reply