दिनूगे जद मोड़ो जागूँ

दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मनै रातूँ नींद नी आवै,
दिनूगे ओ मोड़ो जागै मरीलियो मनै खोटी खावै,
ईं छोरै मैं के बड़ग्यो, ईं टींगर नै कुण समझावै,
दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।

नाहय-धोय दस-बजे जद मैं कॉलेज जाण नै होयो त्यार,
माँ बोली आज तो मरस्युं मेरै तो चढ़री है बुखार,
मैं बोल्यो माँ मतकर चिंत्या तू अबार कठेई कोनी जावै,
पण जे कॉलेज नी जास्यू तो मेरी बठे अपसेंट लाग ज्यावै,
दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।

ईंयां कै मैं टांग किताबा साइकिल बारै काडण लाग्यो,
मायनै सोवै है बो मेरो छोटोडो काको जाग्यो,
मुंडो ई बो धोयो कोनी लूंगी बांध मेरै कानी भाग्यो,
आज तो तू पैदल जाई साइकिल मत ले ज्याई छोरा,
भोत घणू है काम मनै सागै ल्याणा पालै का बोरा,
लेट मनै होरी है पण काकै ना कुण समझावै,
दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।

काकोजी की हाँ मैं हाँ काकीजी भी मिलावै है,
सागै-सागै मेरली माजी भी हुंकारा लगावै है,
कै रोजीना ओ मरज्याणू साइकिल का पिंचर कढ़वावे है,
आयै दिन ओ टींगर आपका गाभा फाड़ के ल्यावै है,
टेम देख मैं बारै निकल्यो तो पिछैऊं माँ को हेलो आवै,
दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।

अपसुगन तो होरया हा फेर भी मैं चालण लाग्यो,
टेम घड़ी मैं देख किताबा लेके मैं भाजण लाग्यो,
आधी घंटा भाज्यो तो मेरो कॉलेज थोड़ो कनै आग्यो,
हिन्दी को घंटो तो छूटग्यो मैं अंग्रेजी पढ़बा लाग्यो,
अंग्रेजी तो आपणे बिल्कुल नी समझ मैं आवै,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।
सारी रात ओ टीवी देखै मनै रातूँ नींद नी आवै।

छुट्टी को घंटो जद बाज्यो मैं ले किताबा घर भाज्यो,
गेलै मैं छाई घटा अर बड़ी ज़ोर सै मे गाज्यो,
काली-कलायण बरसण लागी किताबा मेरी होगी आली,
भिजड़ों देख मनै माँ बोली बेटा ओढले राली,
राली ओढ़ाके मनै माताजी अब चाय बाणावे,
दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।

माँ पकड़ा के चाय मनै बैठ कनै बा समझावै,
पढ़णू दिनूगे जाग के बेटा जद ही पढ़ाई समझ मैं आवै,
टेमो-टेम त्यार होके मेरो बेटो कॉलेज जावै,
बोली-बोली किताबा पढ़के बोला-बोला नंबर ल्यावै,
पण दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे,
सारी रात ओ टीवी देखै मरीलियो मनै खोटी खावै।

मनोज चारण
मो. 9414582964

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