आएगी आएगी आएगी किसी को हमारी याद आएगी

आएगी आएगी आएगी किसी को हमारी याद आएगी
मेरा मन कहता है प्यासे जीवन में कभी कोई बदली छाएगी
आएगी आएगी …

जो बात निकलती है दिल से कुछ उसका असर होता है
कहने वाला तो रोता है सुनने वाला भी रोता है
फ़रियाद मेरी दुनिया की दीवारों से टकराएगी
आएगी आएगी …

दुनिया में कौन हमारा है
कश्ती भी है टूट-फूटी और कितनी दूर किनारा है
माँझी न सही कोई मौज कभी साथ हमें ले जाएगी
आएगी आएगी …

इन ग़म की गलियों में कब तक ये दर्द हमें तड़पाएगा
इन रस्तों पे चलते-चलते हमदर्द कोई मिल जाएगा
हद होगी कोई तक़दीर यूँ ही हमें कब तक ठुकराएगी
आएगी आएगी …

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