मै रहूँ न रहूँ

मेरा ग़म सलामत रहे
तेरे दिल में मै रहूँ न रहूँ
दूनियाँ तेरे खाबों कि बसती रहे
चाहे खाबों में मै रहूँ न रहूँ
हर खुशी तेरी नज़र रहे
मै खुश रहूँ न रहूँ
हर तरफ फ़िजा प्यार कि रहे
मैं तेरे अपनों में रहूँ न रहूँ
हर वक्त जमाने कि नज़रों में तू रहे
चाहे मैं नजर आऊँ न आऊँ …
सबकी यादों में तू रहे
चाहे मैं याद आऊँ न आऊँ
सलामत रहे तेरे खाबों कि दुनिया
चाहे मैं दुनिया में रहूँ न रहूँ
हर दुआ में तू हो
चाहे “आमीन ” के लिए में रहूँ न रहूँ

देशबंधु “

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