कुछ छोटी छोटी दिल से कविता-विनय भारत

तुझे छूकर हवा मेरे पास आई

लगा जैसे तुम ही

यूँ

छूकर गए मुझे …

……………………………………………………………

2.

तुझे मानना तो आता हैं

मेरे दोस्त मुझे

पर

सोचता हूँ

तुझे नाराज़ क्यूँ करें

…………………..

…………………………………………….

3.

तुझे कुछ इस कदर

चाहते हैं अय दिल

चाहकर भी तुझे यूँ कभी हम

छोड़ नही सकते

…………. ……………………………

4.

तुझसे प्यार इतना हुआ हैं अय परी

कि

देखे बिना अब तुझे दिल

मेरा नही लगता

……………………………………

6.

तुझसे करते भी हैं

तुझपे मरते भी हैं

तुझे पता नही अय दोस्त

हम
तेरे भाई से डरते भी हैं

….
…..
….. कवि विनय भारत