अतिथि स्वागत-2 कवि विनय भारत

स्वागत में आपके हम मार्ग सजाने आए

हाथों में हम हमारे फूलों की माला लाये

विशिष्ट हो हमारे सम्माननीय तुम हो

तुम्हारे स्वागतम में पलकें विछा के आए

कवि विनय भारत