दो शब्द

“दो शब्द”

आपके अनुरोध पर
दो शब्द कहना चाह्ता हू
दो शब्दो मे__
अपनी अभिव्यक्ति
व्यक्त करना चाह्ता हू
अब्ला की कमजोरी
मनचलो की हवश
बेरोजगारो की लाचारी
अमीरो की शानो-शौकत
काला बाजार
व्याप्त भ्रस्ताचार
सत्ता की कुर्सी
कुर्सी की चाहत
साप्ताहिक बन्दी
रोजाना बलात्कार
के बारे मे
दो शब्द
कहना चाह्ता हू
लेकिन___
कहने से दरता हू
कही आपको सजा न मिले
मेरे___
दो शब्दो क बदले
क्योकि___
गली से लेकर
दिल्ली तक
हर चौक पर
एक-एक__
कई ऐसी अदालत है
अपराध शास्त्र के
आधार पर_
होते जहा वकालत है
फिरभी____
आपका अनुरोध मै__
थुकरा नही सकता
मगर____
माफ कीजिएगा
दो शब्द____
आज नही कह सकता
आज नही कह सकता
आज नही कह सकता

रचनाकार – नवीन कुमार “आर्यावर्ती”

2 Comments

  1. jitendra kr gupta 06/02/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/02/2016

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