मौत मेरे हाल से

1-
मौत मेरे हाल से
वाकिफ रही होगी,
छोड़ती मुझको रही
गमख्वार होने तक।

2-
वतन की बदहाली पे
न बहा आँसू,
कैद-ए-बेवफ़ा रहा
माशुक का अंजाम।

3-
कत्ल गर जेहाद तो
आपका ईमान भी,
है छुरे की नोंक पर
आखिरी इम्तिहान ये।

4-
हमको बनाना ही कहाँ
आने लगा लकीर,
देख ली सूरत तेरी
तो मकां हासिल।

5-
तारीफ तेरे हुस्न की
या कि है कुछ और,
मामला कुछ भी रहे
तेरी मगर तारीफ।

6-
बदला कि उसने मिजाज तो
इस तरह साहिब,
लट को झटककर यूँ कहा
फिर मिलेंगे कब?

7-
जुल्फ का क्या काम गर
रखनी नजर होवे,
तेरी कमर की हर अदा
जानता हूँ मैं।

8-
करना बहाना सीख ले
हमसे हसीं दो-चार,
आशिकोँ की बस्तियां
यूँ नहीं बसतीं।

9-
शिकवा नहीं आपसे
दूर हूँ लेकिन,
बेताब मिलने को नहीं
नजदीकियां होतीं।

10-
जो माँगा दिया
उस खुदा ने हमको,
अबतक अदा कर रहा
उस हकीकत का हिसाब।

11-
तन्हा सफर कटता नहीं
काटने से यूँ,
जिन्दगी से क्यों मगर
आहें नहीं कटतीं?

12-
लगा दाम खरीदिए
जी भरके शराब,
मुफ्त मय-ए-मुश्कबू का
नज्जारा कैसा?

lekhakmukeshsharma@gmail.com/9910198419

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