हमे भूल जाओ – कवि विनय भारत

कहने दो उन्हें कि

हम वेबफा निकले

वो इस बहाने हमे

भूल तो जायेंगे

हम उन्हें अपना नही बना सके तो क्या हुआ

वे किसी और को तो मेरी खुशियाँ दे ही पाएंगे

कवि विनय भारत