पडोसी को चेतावानी -एक छंद- कवि विनय भारत

सुधर सको तो सुधर जाओ वक्त बाकी हैं

अब तक मान छोटा मिलती रही माफ़ी हैं

फिर ना कहना बतलाया ना था पहले कभी

परमाणु का परिक्षण अगला अभी बाकी हैं .

हम कभी युद्ध में पीठ नही दिखाते हैं

जवां हमारे तो सीने पे गोली खाते हैं

छुप छुप के न हमने बार कभी किया हैं

हम तो वो हैं जो सदा कहके किया करते हैं

कवी विनय भारत