इश्क में हारी हुई

1-‘
इश्क में हारी हुई
बाजी मुसाहिब ने,
अपने गले की फाँस का
फंदा बना डाली।

2-
कसम लो हमसे
करें जो इश्क की बातें,
वक्त ही कहाँ फिजूल
बर्बाद करने को?

3-
सुनाऊँ किसको दिल की
हकीकत यारब,
दिल है कि हमारा
मुद्दआ हो गया।

4-
तेरे सिवा दिखती नहीं
हमको कोई सूरत,
जान ले कि किस तरह
गमख्वार बैठे हैं?

5-
समय के हर तरफ मैंने
घुमाकर आईना देखा,
दिखी तो कम दिखी सूरत
समय का सामना देखा।

6-
देखना गुल का नहीं
अंजाम भंवरों का,
कल किसी का कारवाँ
ठहर जाएगा।

7-
उस हसीं ने जिन्दगी को
इस तरह मोड़ा,
हमने जवां मुछ को
पकड़ा न फिर कभी।

8-
बदलकर आईना न
तकदीर बदलेगी,
बदली हो तदवीर तो
आईना क्या है?

9-
कोशिश न कर बदलने की
तकदीर उसकी,
तू मुसाहिब नहीं
वो खुदा है तेरा।

10-
कड़ुवी अगर शराब तो
जिन्दगी भी जाम है,
बेवजह अपना जिगर हम
भींचकर रोए।

lekhakmukeshsharma@gmail.com/9910198419

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