वकील या भारतदेश के

(1)
उसने चाकू की नोंक पर
जबरन किया कुकर्म,
शासन को दहशत लगी
प्रशासन को शर्म,
प्रशासन को शर्म
कचहरी रहगई जैसे दंग,
मिलजुल सारे देख रहे
वा अबला के अंग,
कहि रहियो’शर्मा मुकेश’
क्रत्य यह बड़ा घिनौना,
संविधान खामोश
मीडिया जादू – टोना॥
(2)
लुटने वालों की लुट गई
घर वालों की जेब,
संबंध बनाए प्यार के
या किया गया था रेप,
किया गया था रेप
सत्यता जाँच में आवे,
जैसो जाको नाम
वैसो वो दाम लगावै,
वकील या भारतदेश के
पढ़कर आए विदेश
आड़ा-तिरछा खींचकर
कर रहे सीधा केस॥

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