इस प्यार को क्या नाम दूँ – कवि विनय भारत

बिस्तर पर न नींद यहाँ

चेहरे पे उदासी छायी हैं

क्या नाम रखूं इस प्यार का

बस
लिखने की कलम उठाई हैं

ए खुद तू ही बता

ये प्यार हैं या है पागलपन

क्या नाम दूँ
इस प्यार को
जिसने

आँखे मेरी रुलायी हैं

कवि विनय भारत