ये झूमता सा सावन – कवि विनय भारत

ये खुशियों के पल

ये मस्ती के मौसम

ये झूमता सा सावन

ये मदमस्त सी हवाएं

ये मन में फुहारें

ये चलती बहारें

दे रही है खुशियाँ और शुभकामनाएं

——

झूमते सावन को भेंट

कवि विनय भारत

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