“काफी मन भाती है?”

काफी मेरे मनब को भाई।
दूर देश ने इज्जत पाई॥
परदेश से चल वह आई।
काफी मेरे मन को भाई॥

सन् अस्सी के पास जाईं।
काफी का नाता समझाई॥
परदेश सचल दल चलाई।
काफी मेरे मन को भाई॥

मुफ्त में काफी पिलाई।
लेखा हैइतिहास का भाई॥
शुरू शुरू में काफी आई।
काफी मेरे मन को भाई॥

इंगलिशिया में डाकघर भाई।
जहां रजि0 कर के आईं॥
काफी पी हम खुसी मनाईं।
काफी मेरे मन को भाई॥

गोरों ने थी प्याली लाई।
सांवरों ने प्याली पिलाई॥
स्टेशन के पास में भाई।
काफी मेरे मन को भाई॥

बड़े चाव से पीते काफी।
बड़े बड़ों के सारे साथी॥
काफी मानो आम हो गई॥
काफी मेरे मन को भाई॥

बड़े घरों की शान हो गई।
बच्चों की मेहमान बन गई॥
काफी मानो जान बन गई।
काफी मेरे मन को भाई॥

दूध गुण हम सबने खाई।
मोटी- मोटी रही मलाई॥
सावां-कोदो कुल्थी सुराही।
काफी मेरे मन को भाई॥

काफी जीवन का अंग बन गई।
विस्कुटब्रेड संग- संग हो गई॥
विन काफी सजी फीकी बिदाई।
काफी मेरे मन को भाई॥

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