“श्री गुरु चरणों में नमन्”

भजो भगवान् को इतना कि ईश्वर मय हो जाओ।
तेरे नाम’ॐ’के आगे सदा ईश्वर ही लिखा जाये।।
दिया गुरु ने दीક્ષા जब भोरे वरुना किनारे तो?
भजो भगवान् को इतना कि ईश्वर मय हो जाओ।।
करो लीला तू दुनियां में तुझे लीला दिखानी होय।
भजा था ईशु कीना ने,भजा मीरा व तुलसी भी ।।
भजा था राम रघुवर को भजा कृष्ण मुरारी को।
दिया था वेद गीता को लिखा था ईश नें गीता।।
भजा अल्लाह अकबर को भजा था बुद् ईश्वर को।
भजा गोविन्द को कबिरा भजा है सूर सुरवर भी।।
भजो भगवान् को इतना कि ईश्वर मय हो जाओ।
तेरे नाम’ॐ’के आगे सदा ईश्वर ही लिखा जाये।।
+ + +
तेरे नाम’ॐ’के आगे सदा ईश्वर ही लिखा जाये।
गुरु वशिष्ठ औ विश्वामित्र ॠषि दुर्वासा भजे तुझे।।
तुलसी और कबीर भजे ईशू ने भी भजा तुझे।
राधा औ मीरा ताउम्र किया भजन था तेरा।।
दिया बताय तुझे सुनो वह पूर्व जन्म का पाप।
प्रकट हुए भगवान खुदा सा आया तेरे ही पास।।
भजा जब राम व कृष्ना शम्भु स्वयं प्रकट आए।
दिये थे गीता वेद, गीत स्वयं वे लिखकर लाए।।
शब्दार्थ:- सुरवर-इन्द्र

Leave a Reply