ये बेदर्द जमाना – कवि विनय भारत

ज़माने ने हमे अब तक दिया ही क्या है

भारत

ये तो हम हैं

की
ज़माने से अब तक

दिल लगाये बैठे हैं

कवि विनय भारत

One Response

  1. विनय भारत 19/08/2014

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