मेरे उपनामकरण पर कविता -विनय भारत

मेरे दोस्तों ने मुझसे पूंछा कि

आप भारत क्यूँ लगाते हैं

मैंने कहा –

भारत में रहते हैं भारत की खाते हैं

भारत लगाने में हमारा क्या जाता है

भारत में जन्म लिया भारत में शिक्षा ली है

भारतीय बच्चों को भारत में पढ़ाते है

भारत ही राष्ट्र मेरा भारत ने सब दिया है

भारत की माटी को हम शीष
झुकाते हैं

इसीलिए विनय शर्मा भारत लिखा करते हैं

भारत में रहके विनय भारत लगाते है

कवि विनय भारत