मेरा केमरा (POEM NO.23)

R A T H O R E saab

सब की खुशियों में शामिल होता मेरा केमरा
सब के होठो पर मुश्कान लाता मेरा केमरा
तुम्हारी यादो में जाकता मेरा केमरा
तुम्हारी हँसी ठिठोली में सामने होता मेरा केमरा

रोते हुए को हँसता मेरा केमरा
खुशी के मारे रुलाता मेरा केमरा

कभी किसी की याद दिलाता
कभी बिछड़े हुए को मिलाता
हर खुशियों को समेटता
हँसी मजाक इठलाती शरारतों को समेटता मेरा केमरा
सब मानते खुशिया और चुप रहता मेरा केमरा

पर जब भी केमरे की यादो को देखा
तो हर पल रुलाता हे मेरा केमरा

“उसका आज नही होता
उसका आज कोई नही समझता”

पर उसके पलों को देखा जब जब मेने
जो उसने समाये थे अपने अन्दर उसने
वो हर पल रुलाता गया

पर कुछ ना कहता
किसी से कुछ ना चाहता
फिर भी सब को खुशिया देता मेरा केमरा

“पुरानी तस्वीरों को देख कर
मुझे भी याद कर लिया करो
कुछ ना सही थोड़ी मेरी
सरहना ही कर लिया करो “

में हमेशा शादी ,पार्टीज ,पिकनिक और कई जगह जाता
सब के चेहरों और उनकी हलचल को अपने अन्दर समेटता
पर कोई मेरी अहमियत को ना समझता
ना कोई मेरी सराहना करता

जब मेरी यादो में जाता
तो अकेले में बेठ के चुप-चाप रोता

बड़ा प्यारा
बड़ा न्यारा
मेरा केमरा

शादी के हर तुम्हारी हल-चल को समेटता मेरा केमरा
पर कभी कोई नही कहता की सबसे जरुरी हे मेरा केमरा

“समझो उसके आज को
कल में क्या रखा हे
तुम्हारे आज को जिसने सजोये रखा हे
पहचानो उस निर्जीव को”

दुनिया में कोई नही हे जो अपना भुत(past ) देखले
मेरा केमरा वो भी दिखा दे अब तो समझो इंसानों
कितना प्यारा मेरा केमरा
कितना प्यारा मेरा केमरा

“हँसी ख़ुशी वीरानियो में रहे तुम मेरे पास
अब जाना ना दूर मुझसे रहना हमेशा मेरे पास”
Dedicated to: सभी फोटोग्राफ़र को सप्रेम भेट
Dedication Summary: “हँसी ख़ुशी वीरानियो में रहे तुम मेरे पास
अब जाना ना दूर मुझसे रहना हमेशा मेरे पास”

07:42pm,25-11-2012

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