बी एड वर्क – कवि विनय भारत

मैंने अपने मित्र से कहा

एक मन कहता हैं
कहानी लिख

एक मन कहता हैं नाटक लिख
एक
कहता हैं लघुकथा लिख

कभी कहता है
लिख डाल
कविता

समझ नहीं आता
लिखूँ
तो क्या लिखूँ

तभी तपाक से मेरा मित्र बोला
ना हिंदी लिख ना बिंदी लिख

अबे
साहित्य छोड

पहले सैशनल लिख

कवि विनय भारत