ग़ज़ल-हिन्दी

अव्वल अस्ल है हिन्दी
सभी का कल है हिन्दी !

गगन छूए और भाषा
हिन्द में अटल है हिन्दी !

सुंदर सोम्य प्यारी
बहुत शीतल है हिन्दी !

एक झरने सा है बहती
लबों पर जल है हिन्दी !

तू भी “आँसू” मिल ले इससे
खूबसूरत पल है हिन्दी ॥

जैन अंशु डी० आँसू

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