मैने कभी सोचा न था!

दिन को भी इतना अँधेरा होगा
मैने कभी सोचा न था!
एक तरफ मासूम दिल दिवाना
और एक तरफ बेरहम सारा जहाँ होगा,
मैने कभी सोचा न था!
जो दिन-रात जलाते हैँ बस्तियाँ
वो रहेँगे महलोँ मे,
और हमेँ जँगल नसीब होगा;
मैने कभी सोचा न था!
जिनकी खुशियोँ के खातिर हमने बर्बाद कर दी अपनी सारी जिन्दगी,
उनकी वजह से ही मेरी आँखे नम होगी;
मैने कभी सोचा न था!

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