गज़ल(एक लत)

।।गज़ल(लत)।।

लोग तो कहते हैं बड़ी बेकार की लत हैं ।।
बड़ी मुश्किल है मुझे उनके प्यार की लत हैं ।। 1।।

सुना है लत से हालत खराब होती हैं ।।
फिर भी उनकी अदा पर इजहार की लत हैं ।।2।।

शिकायत उनकी कि हम पास नही आते ।।
जबकि हर पल उन्हीं के इन्तजार की लत है ।।3।।

तखलीफ़ मुझे भी है उनकी जुदाई का ।।
उन्हे भी मेरे प्यार पर ऐतबार की लत हैं ।।4।।

तकदीर मे होगा तो मुमकिन होगा मिलन ।।
अभी तो मेरे अश्कजार की लत हैं ।।5।।

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