कैसा देश हो गया मेरा

कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।।
कहीं पर रिश्वत खोरी ।।।
कही पर हो रही चोरी ।।।।
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
कही पर होती है मुठभेङ ।।
कही पर नेताजी हो गये ढेर ।।।
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
कभी बीजेपी कभी काँग्रेस सरकार ।।
इसी बात पर देश मे होता है टकरार ।।।
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
नई-नई पार्टीयाँ बन रही है रोज ।।
देश मे रिश्वत पनप गई इसकी कोनन लगाये खोज ।।।
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
यहाँ होते है रोज बलात्कार ।।
जिससे तंग आ गई है नार ।।।
दुष्कर्म बन गया औरत पर भार ।।।।
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
विदेशों मे काला धन है भारी ।।
इसे स्वदेश कौन लायेगा संस्कारी ।।।
औ कैसा देश हो गया है मेरा ।(भारत)
ये कैसी बदली है महिमा मेरे देश की ।।
लोगो ने संकृति त्यागी है स्वदेश की ।।।
–जय भारत माता

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