हँसी और जिंदगी कवि विनय भारत

एक प्यार तराना लिखता हूँ
जीने का फसाना लिखता हूँ
मैं रोते – रोते भी यारों
हँसने का बहाना लिखता हूँ

कवि विनय भारत