बेवफा सनम

कोई मशहूर है अपनी खामियोँ के लिये
तो कोई बुराईयोँ के लिये मशहूर है!
कोई किसी के प्यार मेँ आशिक बनकर
तो कोई पागल बनकर मशहूर है!
हम शायरोँ का दर्द तो शहर मेँ
शायरी बनकर मशहूर है!
इश्क मेँ जाँ लुटाने वालोँ, जिसे तुम समझते हो अपनी सनम
वह तो जमाने मेँ बेवफा सनम बनकर मशहूर है!