प्यार की कीमत

बेवफओँ का गुणगान यहाँ
आशिक की इज्जत कोई नहीँ,
छोड अब प्यार मोहब्बत यारा
यहाँ प्यार की कीमत कोई नहीँ!

बेवफा क्या किसी को मै कहूँ
बेवफा अपनी तकदीर ही लिखने वाला है,
जिसको भी मैने प्यार किया
वही मुझे रुलाने वाला है,
सबको है अपनी खुदगर्जी से नाता
यहाँ “रमाकाँत” की जरुरत कोई नही;
छोड………………………कोई नही!
ये जीवन क्या है प्रेम बिना न पूछ किस्मतवाले
अपनी स्याही रो जाती है,
सपनो मे मिलती है मँजिल
भोर होते ही खो जाती है,
पत्थर के सब दिल हैँ यहाँ
ममता की मूरत कोई नहीँ;
छोड………………………..कोई नहीँ!