“उच्च शिક્ષા-आंशिक झाँकी”

उच्च शिક્ષા की संयुक्त परिક્ષા कभी कहीं होती है?
बच्चे बाबा लाख लगाते दौड़ सीटें पूर्ण रही है॥
जगह जगह परिક્ષા में अपनी जेबें खाली करते है।
चंद दिनों में मैनेजमेंट माला लाल हो जाता है?
बच्चे पिसते वैसे जैसे चक्की में आटा पिसता है।
माल वह जाता मैनेजमेंट गाढ़ी कमाई का डाका है?
होती डिगिरी की जाँच उसे फर्जी भी वह कहते हैं।
शिક્ષા-शिક્ષા में भी फर्जीवाड़ा संबद्ध सभी लिखते है?
हजारो हजार फार्म ऊँचे दामो खेच कुछ सीटें भरते हैं।
दूर दराज के बच्चे आकर मुहँ पीछे घुमाये जाते हैं॥
नेट खोलकर जिसने देखा लेखा सीटें पूरी दिखती हैं।
जानें कब की साइट अपनी अपनी सीटें वह लिखती हैं॥

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