जन्मों की फिक्र

आहटें करने के लियें
कुछ भी करें हम शायद
पर तेरा पलटना हमें
फिर ज़िंदा कर देता है

आप तो सिर झुकाकर
निकल जाती हैं पाश से
पर दो लटों का गिरना
दिल में भवर कर देता है

मायूशियां बेशक मिलें
हमें तेरी इन्तजार में
पर हवा का झोका तेरे
गुजरने की खबर कर देता है

नाजुक हाथों से किताबें
जो थामे रहती हो तुम
हमें कुछ सुधरने का
दिल पर अशर कर देता है

अन्जान ही खडें हैं
तेरी राहों में हम
पर तेरा हँसना यहाँ
अपनी सी लहर कर देता है

हो सकता है की कुछ भी
नहीं हैं हम आपके
पर बिछुड़ना आपका
जन्मों की फिक्र कर देता है

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