“सेहरा”

बँधवा लो शहजा़दे तेरी ससुराल ने भेजा सेहरा।
बन्ने जरा तूँ पास आ तेरी ससुराल ने भेजा सेहरा।
दादा तेरे पास खड़े बँधवा लो शहज़ादे सेहरा।
दादी रानी कुसुम कलेजे से लगाया सेहरा।
बँधवा लो शहजा़दे, तेरी ससुराल ने भेजा सेहरा।2॥
चाचा चाव से खड़ेहोकर मालिनि से गुँथाया सेहरा।
चाची रानी प्यारसे चाँदनी रात कलेजे लगाया सेहरा।
रातों में रौनक महफिल का बढ़ायेगा यह प्यारा सेहरा।
बँधवा लो शहजा़दे तेरी ससुराल ने भेजा सेहरा।2॥
महफिल खुसनुमां सुहाना वारात का बनायेगा सेहरा।
बन्ने जरा तूँ पास आ तेरी ससुराल ने भेजा सेहरा।
बँधवा लो शहजा़दे तेरी ससुराल ने भेजा सेहरा।
शब्दार्थ:- सेहरा- मौर। शहजादे- दूल्हा। कुसुम-फूल,

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