जब भीगें नयन तुम्हारे

जब भीगें नयन तुम्हारे
तुम मेरे पास आ जाना
कुछ ना बोल पाओ तो
आँखों से ही समझाना

बनाएंगे अपना रैनबसेरा
उन ऊँचे पहाड़ों पर
लताओं के झूमर होंगे
चाँद तारे किवाड़ों पर

अपने आँगन में खेलेंगे
गिलहरी खरगोश कबूतर
दिन में रोशन उजाला
रात में जुगनू घर के भीतर

ना होगी चिल्ल्म चिलाई
ना होगी कड़वी रुसवाई
बनाकर पत्तों का बिस्तर
ओढेंगे फूलों की रजाई

जब भी मैं तुम्हें पुकारूं
तुम थोड़ी मुस्काना
धीरे से आकर खिड़की में
अपने बाल सुखाना

नदी पर झुके पेड़ों पे बैठ
मेरे संग गीत गाना
जब भीगें नयन तुम्हारे
तुम मेरे पाश आ जाना

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