“हरिद्रा गीत”

कीजै कीजै यह ॠतु व्यवहार,
हल्दी मंगल की।-2॥
बन्ने के पापा हल्दी लगावैं,
मम्मी रानी हरिस धइले ठाढ़।
हल्दी मंगल की॥
कीजै कीजै यह ॠतु व्यवहार,
हल्दी मंगल की।-2॥
बन्ने के चाचा हल्दी लगावैं’
चाची देवी हरिस धइले ठाढ़।
हल्दी मंगल की।-2॥
बन्ने का भाई हल्दी लगावैं,
भाभी रानी हरिस धइले ठाढ़।
हल्दी मंगल की।-2॥
कीजै कीजै यह ॠतु व्यवहार,
हल्दी मंगल की।-2॥
पहली हल्दीय् पण्डित लगावैं,
पीछे सकल परिवार।
हल्दी मंगल की॥

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