“हल्दी का गीत(हरिद्रा)”

लगाव लगाव प्यारी सखिया?
बन्ने को हल्दी लगाव।
बन्ने के कानों में कुण्डल नहीं है।
पेन्हाव पेन्हाव प्यारी सखियाँ?
बन्ने को कुण्डल पेन्हाव।
बन्ने के हाथों में घड़िया नहीं है।
बन्ने को गड़िया पेन्हाव॥
लगाव लगाव पण्डित हल्दी?
बन्ने को हल्दी लगाव।
पहली हल्दी पण्डित उठावैं,
पीछे सकल परिवार।
बन्ने को हल्दी लगाव,
लगाव लगाव प्यारी सखियाँ॥

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