“मुखड़ा नीक लागे”

पग नूपुर की झंकार रसिया।
हो! घूँघट में मुखड़ा नीक लागे॥
जल भरहु झकोरि-झकोरि रसिया।
अंखियन में कजरा जब नीक लागे॥
पतरी सी गोरी वा गदराया रसिया ।
सोने का कलशा जब नीक लागे॥
छोटी सी विंदिया सैयाँ से पिरितिया।
घूँघट में मुखड़ा जब नीक लागे॥
रेशम की रसरी सखियन के गितिया।
घूँघट में मुखड़ा जब नीक लागे॥

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