देखा एक ख्वाब

हजारो ख्वाहिशे होती है हमारी,
क्या जाने कब होगे वो पूरे,
कुछ सप्ने सोने नहि देते,
कुछ ख्वाब रह जाते है अधूरे।

एक लडकी क ख्वाब,
यही है कि उसे मिले ढेर सार प्यार,
मरते दम तक कोई उसका रखे खयाल,
क्योकि ये जिन्दगी मिल्ती है सिर्फ एक बार।

जब वो जन्म लेती है,
तो परिवार मे होती है खुशी,
सब इसका स्वागत करते है दिल खोलकर,
कुछ इसे मानते है परि।

वो चाह्ती है,
कि उसे मिले वो सब कुछ,
जो उसे दे खुशी,
जो उसके होठो पर लाये हसी।

पूरी जिन्दगी,
वो एक राजकुमारी की तरह जीती है,
उसे है बस एक ही आस,
कि उसका राज्कुमार उसकी रक्शा करे हर समय।

हर वक्त वह यही सोचती है,
क्या उसकी ये आस होगी पूरी?
उसका परिवार उसे देता है वो सब,
जो उसकी सवारे जिन्दगी।

वो सपनो मे,
है देखती,
एक आलीशान घर,
मगर उसे रेह्ता है डर;

कही उसका ख्वाब रेह न जाये अधूरा,
शादी के बाद सब कुछ है बदलता।
वो अपना परिवार छोड्कर जाती है एक नयी दुनिया मे,
और वो चाह्ती है कि हर दम कोई उसका साथ दे।

क्या उसे मिलेगी,
एक खुश्हाल जिन्दगी?
क्या होगा,
उसका ये ख्वाब पूरा?

कोशिश तो बहुत कर्ते है,
उसकी हर मान्ग पूरी करने की;
मगर क्या उसे मिलेगा सुकून,
इस बात का उसए नही मालूम।

इन सवालो का,
वो चाह्ती है जवाब,
उसने तो बस यही,
देखा एक ख्वाब।

2 Comments

  1. rakesh kumar राकेश कुमार 30/05/2014
  2. mahesh Singh Rajput 20/06/2014

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