तु चले आना ! – असरार

मैं आवाज दु तुझे, तो तु चले आना!
अगर हो इम्तिहान मेरी वफ़ा का तो तु चले आना !!

जिंदगी के रंज-ओ-गम अकेले बाँट लूंगा मैं!
मगर बात हो जब खुशियां बाँटने कि, तु चले आना !!

गर तन्हा रातों में चलने की बात हो, तो अकेला काफी हुँ!
मगर बात जब हो साथ की, तु चले आना !!

सवाल जवाब करना सब फितरत है मेरी!
जब खामोश रात कोई हो, तु चले आना !!

ये बाते किस्से सब चलते रहेंगे!
हो गर मुलाकात किसी कहानी के किरदार की,तु चले आना !!

ख्वाहिशे मेरी, नजरें मेरी, हर रोज फिसलती है!
मगर हसरत जब दिल की हो, तु चले आना !!

खो गया हुँ कंही में तुझसे दूर होके “असरार”
मगर ढूंढते हुए मुझको, तु चले आना !!

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