गजल ..आँख में पानी छलकता

आँख में पानी छलकता वीर वानी क्या कहूं ?
मिट गया नामों निशाँ उनकी निशानी क्या कहूं ?

देश की इज्जत बचाने में कटाए सर कभी |
मिल गयीं जो गर्दिशों में जिंदगानी क्या कहूं ?

था सिपाही एक मंगल क्रांति ज्वाला फूंक दी |
ज्वाल पाण्डे की चली थे खानदानी क्या कहूं ?

शेरनी लक्ष्मी वही जो थी दी’वानी जंग की |
जंग में अग्रेज हारे वो जवानी क्या कहूं ?

क्या भगत आजाद बिस्मिल क्रांतिकारी वीर थे ?
शेर जो अशफाक उल्ला की कहानी क्या कहूं ?

हिन्द वासी बोस नेता हिन्द ए आजाद फ़ौज |
खूब मारे थे फिरंगी हिन्द पानी क्या कहूं ?

शिव बताता है सही गुल पाहनों से थे हुए |
वीर वानी है गजल हमको है गानी क्या कहूं

आचार्य शिवप्रकाश अवस्थी
नॉएडा -०९४१२२२४५४८

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