अंजाम

देखो जनाजा उठाने
लगे है लोग
क्या क्या बातें
बनाने लगे हैं लोग

मुर्दे से बच्चा
डरने लगेगा
कुछ देर रखा तो
सड़ने लगेगा

याद आ गई
कुछ देर में नानी
लगे डालने
सिर पर पानी

बड़े ही अच्छे
इंसान थे
इनके करोड़ों
के मकान थे

कमाया मैंने
हीरा रत्न
और सीने पर
दो गज का कफ़न

दो गज ही
मिली जमीन
सो गज का था
मुझे यकीन

दुनिया में सीखी जलन
मै लोगों से जलता था
असल में ऐसे जलते है
क्या पता चलता था

कुछ और वक़्त लगेगा
तेरा भी ये अंजाम है
देव नहीं है तू
तू भी एक इंसान है

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