जिंदगी के बाढ़ भी निभाऊं मै

चाहे दिन चार
जिंदगी के जी पाऊँ मै
ख्वाईश है की तेरी आखों
में बस जाऊं मै

नूर बनके चमकूँ
तेरे माथे का हरदम
और तेरे दिल की
धड़कन बन जाऊं मै

उम्मीद है की तुम
साथ दो मेरा
और इस यकीन पर
जिंदगी लुटाऊँ मै

बड़ी नाजुकता से
रूठ तो जाते हैं आप
डर लगता कहीं
दिल आपका न दुखाऊँ मै

जब तकलीफ देने लगें
जिंदगी की हसरतें
मुस्कराहट बनकर
तेरे होठों पर आ जाऊं मै

यकीन मेरी बातों का
आ गया तो हो सकता
ये रिश्ता जिंदगी के
बाढ़ भी निभाऊं मै

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