जीवन में सुख-दुःख …

दिन और रात एक बहाना है
जीवन में सुख-दुःख तो आना जाना है
बीते दिनों को फिर से दोबारा
इतिहास बनकर दोहराना है
असफलता भरे दिनों को देखकर
दोबारा सफलता की ओर हाथ बढ़ाना है
हार मिले या मिले जीत फिर
हमे परिस्थितियों से जीत जाना है
कुछ खोकर या कुछ पाकर
हमें रोज रोना या मुस्कुराना है
जीवन की इस कठिन डगर में
हम ही हमारा सहारा हैं
बस साथ चलेंगे दोनों इसी तरह
और आगे कदम बढ़ाना है
हमारी इस खुशहाल जीवन की नैया
सिर्फ तुझे और मुझे ही पार लगाना है …

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