पवित्र दौलते है

खुदा ने औरतों का
महान जहां बनाया है
इतना बड़ा दिल उनके
सीने में लगाया है

आँचल में उनकी
नींद बहुत आती है
माँ हो या बीवी
सबको बहुत भाती है

कभी उंगली पकड़ाकर
चलाती है हमें
कभी दरवाजे पर
तिलक लगाती है हमें

मुस्कराहट इनकी
ऊर्जा भर देती है
आँखे इनकी
क्या से क्या कर देती है

साथ नहीं छोड़ती ये
इनका गुणगान करता हूँ
बड़े बड़े को पैदा किया
हौशलों को सलाम करता हूँ

चारों तरफ देखो
राकेश कितनी औरते हैं
गंगा में नहाईं हुई
पवित्र दौलते है

2 Comments

  1. p.joshi 'Bechain' 11/05/2014
    • rakesh kumar rakesh kumar 12/05/2014

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