किताब

करता था बहुत
ज़माने का लिहाज मैं
क्या क्या मिला है
किस किस लिबाज मे

मैंने दिल भी बिखेरा
चाहत के लिए लेकिन
चोट ही खाई
चाहत के जवाब में

चाहूँ तो रोक नही
सकता मैं दिल को
रख नही सकता
गुजरे का हिसाब मैं

किसे मानु अपना
किससे दूर रहूँ
कोई एक नाम बता दो
छापा है किस किताब मै

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