दूरियां मिट जाने दे

दूरियां मिट जाने दे

भर लेने दे बाजुओं में
इस दिल को अब बेकरार ना रहने दे।
छू लेने दे इन नाजूक होठों को,
इन्हें छू लेना, अब एक अरमान ना रहने दे।।

अधूरी ख्वाहिश, अधूरे अरमान होने दे पूरे,
आज बाकि कोई चाहत ना रहने दे।
मैं खामोश, तुम भी चुप रहो मेरी जां,
आज अपने दिल को मेरे दिल की सुन लेने दे।।

जो कहना चाहते हैं वो,
आज इन दो दिलों कोे कह जाने दे।
आज पर्दा हया का हट जाने दे,
हमारे बीच आज कोई हद ना रहने दे।।

समा जाओ मेरी आगोश-ऐ-बाहों में,
आज ये दूरियां मिट जाने दे।
आज इस परवाने को जल जाने दे,
आज मुझे गहराई में डूब जाने दे।।

यू ंना जाओ तुम डरकर दूर मुझसे,
आज सांसों को सांसों से टकराने दे।
आज दिल को धड़कन से मिल जाने दे,
आज मुझे हद से गुजर जाने दे।।

कब तक भागते रहोगे मुझसे दूर,
आकर मेरी बांहों में, मुझे खुद को भूल जाने दे।
मुझे टूटकर बिखर जाने दे,
मुझे मुलाकात हसीं बनाने दे।।

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