मेरे करीब आकर !!

जगा दे ख्वाब से मुझको मेरे करीब आकर !
दिखा दे फिर से वो जलवा मेरे करीब आकर !!
है मेरी सांस में कितनी तपिश जरा महसूस तो कर !
यूँ छु ले दिल मेरा एक दिन मेरे करीब आकर !!
है मेरे दिल में छुपे कितने ही खामोश ये राज !
तू जान ले कभी मुझको मेरे करीब आकर !!
ना इतना दूर कर की लौटकर भी आ ना सकूँ !
यूँ मुझ पे जुल्म ना कर तू मेरे क रीब आकर !!
क्यों इतने साल तक आंसूं मेरे बहते ही रहे !
जरा तू जान ले एक दिन मेरे करीब आकर !!
जब भी लिखता हूँ मै लिखते ही चला जाता हूँ !
घेर लेते है यूँ अलफ़ाज़ मेरे करीब आकर !!
कभी जाना जुदाई किस बला का नाम है !
मेरी तनहइयों से पूछ मेरे करीब आकर !!
हम तो सबके थे मगर कोई हमारा ना हुआ !
सब मुझे देख कर चले मेरे करीब आकर !!
मैं क्यों जलता हूँ तुम्हारी यादों में !
कोई बताये किसी दिन मेरे करीब आकर !!
   (Written By Shakti)
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