Aai Diwali (आई दीपावली) POEM No. 15 (Chandan Rathore)

Poems in Hindi by Rathore

आई  दीपावली
संग  खुशिया  लाई
सब  को  खुश  करने  वो  आई
बाबा  मेरे  मिठाई  भी  लाना
संग  उसके  कुछ   दिये  लाना
घर  में  बने  मेने  हे  रंगोली
उसमे  हे  सतरंगी  रोली
सजा  धजा  हे  आँगन  आज
बाबा  मेने  लगाये  दिये
कर  रहा   घर  जग – मग  आज

बाबा  तुम  कितने  प्यारे
बाबा  तुम  कितने  न्यारे
तुमने  दिया  जन्म  मुझे
दुनिया  की  नजर  से  बचाया  मुझे

बाबा  कहता हे

बेटी  तू  कोमल  चंचल
तेरा   मन   धरती  सा  पावन
बेटी  तू  आई  मेरे  जीवन   में
सुनी  दीपावली   में  रंग  भरने
में  न  बचाता  तुम्हे  तो  कोन  बनाता  रंगोली  आज
कोन  करता  मुझ   पे  नाज

चारो  और  रौशनी  ही  रोशनी
अँधेरे  का  नाम  नही
बेटी  बचालो  साथियो
उसमे  कोई  नुकसान   नही

हाथ बढाओ बेटी बचाओ

आपका शुभचिंतक
लेखक – राठौड़ साब “वैराग्य”
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1:12 pm 27/10/012

_▂▃▅▇█▓▒░ Don’t Cry Feel More . . It’s Only RATHORE . . . ░▒▓█▇▅▃▂

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