कुछ कर दिखला दे?

साहित्य वह मशाल जो,
आगे चला करता सदा ।
सामंतशाही राजनीति को,
धकिया के चलता सदा ।
नेता ऐसा बने कि जो ,
नारी की रક્ષા करे सदा ।
बेरोजगारी दूर करे जो,
श्रृजन रोजगार करे सदा ।
दुष्कर्मी देश में बढ़ते हो ,
उन सबको समझा दे ।
गुण्डा गर्दी राज में बढ़ती,
हो छुटकारा करवा दे ।
आतंकी आश्रम ना पनपे,
कुछ ऐसा काम करा दे ।
भ्रष्टाचार मुक्त समाज हो,
विकास की अलख जगा दे ।
पीने का पानी गंदा जो,
स्वच्छ जल तो पिला दे ।
बहता शहरों से गंदा पानी,
शोधित नदियों में गिरा दे ।
युवा शक्ति भरमे जो हो ,
शिક્ષા उच्च दिला दे ।
स्वास्थ सेवा गिरता स्तर,
आगे बढ़ अलख जगा दे ।
शोसल आडिट हो अपना,
विश्व में नाम करा दे ।
अपना देश बना दे कोई,
अपना देश हवा दे ।
अपना देश बना दे कोई,
अपना देश हवा दे ।

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