भाषा ख़ामोशी की

शब्द तूफान न ला दे
शायद इसी डर से हर इंसान
अपनी ज़िन्दगी में खमोशी ओढे खड़ा है

ख़ामोशी है या गहरे मन के
कोने में दबा कोई दर्द छिपा है
जो चुप-चाप रह कर छुपने की
कोशिश कर रहा है

शब्द शून्य बन गए तो क्या
मेरे भीतर अभी भी भावनाओ का
लावा सा बहा रहा है

2 Comments

  1. jagdish bhagwani jagdish bhagwani 26/04/2014
    • Rinki Raut Rinki Raut 27/04/2014

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