आते-जाते रहेंगे । (गीत)

hindi geet by markand dave

आते-जाते रहेंगे । (गीत)

ग़मों का क्या है, वो तो आते-जाते रहेंगे..!
और जालिम ? बस, यूँ ही मुस्कुराते रहेंगे ।

अन्तरा-१.

वास्ता हो जिन्हें वो, जानते हैं, मज़ा उसका..!
हैं ग़मखोर, गज़ब हम भी आज़माते रहेंगे..!
ग़मों का क्या है, वो तो आते – जाते रहेंगे..!

ग़मखोर = सहनशील ।

अन्तरा-२.

गर है , तबाह करना, मकसद उनका, यारों..!
कमज़ोर नहीं हम भी, दर्द सहते रहेंगे ।
ग़मों का क्या है, वो तो आते – जाते रहेंगे..!

अन्तरा-३.

दमदार ग़म परखना, पाला है शौक हमने..!
ताउम्र क़र्ज़ उनका, चुकाते रहेंगे ।
ग़मों का क्या है, वो तो आते-जाते रहेंगे..!

अन्तरा-४.

थामा है, कब से हमने, प्याला ज़हर का..!
फरहत के, गीत अक्सर, गुनगुनाते रहेंगे ।
ग़मों का क्या है, वो तो आते-जाते रहेंगे..!

फरहत = खुशी.

मार्कंड दवे । दिनांकः ०७-/०४/२०१४.

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